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नाम जप क्या है और क्यों करना चाहिए

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नाम जप क्या है और क्यों करना चाहिए  प्रस्तावना भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में भगवान के नाम का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। प्राचीन समय से ही ऋषि-मुनि, संत और भक्त भगवान का नाम जपकर मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करते आए हैं। नाम जप केवल धार्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह मन, आत्मा और जीवन को सकारात्मक दिशा देने का एक सरल मार्ग माना जाता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य तनाव, चिंता और अशांति से घिरा रहता है। ऐसे समय में नाम जप मन को शांति और स्थिरता देने का आसान उपाय माना जाता है। नाम जप क्या है? नाम जप का अर्थ है भगवान के किसी पवित्र नाम या मंत्र का बार-बार स्मरण करना। जैसे: “राधे राधे” “श्री कृष्ण” “राम” “हरे कृष्ण” “ॐ नमः शिवाय” “जय श्री राम” इन पवित्र नामों को श्रद्धा और प्रेम से दोहराना ही नाम जप कहलाता है। नाम जप मन ही मन, धीरे-धीरे बोलकर या ऊँचे स्वर में भी किया जा सकता है। कई लोग माला का उपयोग करके जप करते हैं ताकि ध्यान एकाग्र बना रहे। सनातन धर्म में नाम जप का महत्व सनातन धर्म में कहा गया है कि कलियुग में भगवान तक पहुँचने का सबसे सरल मार्ग नाम स्मरण है। म...